विष्णुगाड पीपलकोटी जल विधुत परियोजना के डम्पिंग क्षेत्र में SLOPE STABILIZATION हेतु वेटीवर घास रोपण का शुभारंभ

दिनांक 11/09/2018 को विष्णुगाड पीपलकोटी जल विद्युत परियोजना के सियासैण, ग्राम जैसाल स्थित मक निस्तारण क्षेत्र में श्री यू.के. सक्सेना, महाप्रबंधक (परियोजना) द्वारा SLOPE STABILIZATION हेतु प्रचलित वेटीवर (खस-खस) घास का रोपण करते हुए पौधारोपण कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया | इस उपलक्ष्य पर महाप्रबंधक द्वारा अवगत कराया गया कि उत्तराखंड राज्य में बहुत सी जल विद्युत परियोजनाएँ परिचालन में है तथा कई परियोजनाएँ निर्माणाधीन स्थर पर है | परन्तु यह प्रथम अवसर है जब किसी जल विद्युत परियोजना द्वारा मक निस्तारण क्षेत्र में वेटीवर घास का उपयोग SLOPE STABILIZATION के लिए किया जा रहा है | वेटीवर के महत्व के बारे में बताते हुए उन्होने कहा कि यह घास न केवल हरियाली को भी बढावा देती है अपितु अपनी गहरी जड़ो के कारण SLOPE STABILIZATION में सहायक भी  है जिसके कारण मलवे को नदी में गिरने से रोकती है |

परियोजना निर्मात्री कम्पनी एच.सी.सी. के परियोजना प्रबंधक श्री पी.के. चक्रवर्ती द्वारा बताया गया कि परियोजना के सभी मक निस्तारण क्षेत्रों में योजनाबद्ध तरीके से जैविक उपायों द्वारा Slope Stabilization कार्यो का निष्पादन किया जाना है | जिसके अंतर्गत, प्रथम चरण में सियासैण स्थित 15000 वर्गमीटर में फेले मक निस्तारण क्षेत्र में वेटीवर वानस्पतिक नाम क्रिसोपोगोन जिजनीयोडस  (Scientific Name: Chrysopogon Zizanioides) का रोपण किया जा रहा है |
इस अवसर पर परियोजना के पर्यावरण विभाग में कार्यरत उप महाप्रबंधक श्री गजेंद्र सिंह द्वारा बताया गया कि वेटीवर घास जमीन के ऊपर 5 फुट लम्बाई तक तथा एक साल के अंदर ही जमीन के भीतर 1 से 4 मीटर गहराई तक बढ सकतीहै जिसके कारण यह घास अत्यधिक सूखा सहिष्णु (drought-tolerant) भी है तथा soil erosion से भीं सुरक्षित रखती है |

इस मौके पर अपर महाप्रबंधक श्री के.के. पाण्डेय, श्री ए.के. गोयल, उप महाप्रबंधक श्री संदीप गुप्ता तथा टीएचडीसी इण्डिया लि. एंव एच.सी.सी. के अन्य अधिकारीगण उपस्थित थे।
Updated on : 19/09/2018