जिला कृषि औद्योगिक एवं सांस्कृतिक प्रदर्शनी, बुलंदशहर का किया गया सौन्दर्यीकरण

सीएसआर विभाग KSTPP खुर्जा द्वारा बुलंदशहर स्थित जिला कृषि औद्योगिक एवं सांस्कृतिक प्रदर्शनी परिसर के सौंन्दर्यीकरण का कार्य 10 मार्च 2024 को पूरा किया गया| बुलन्दशहर स्थित यह प्रदर्शनी मैदान ब्रिटिश काल में घुड़दौड़ और घोड़ों के प्रदर्शनी के लिए मशहूर था। आज़ादी के बाद के कालखंड में इस स्थान ने कृषि, औद्योगिक एवं सांस्कृतिक प्रदर्शनी स्थल के रूप में ख्याति अर्जित की।     

प्रदर्शनी स्थल पर स्थित ऐतिहासिक बैरन हॉल की दीवारों पर टीएचडीसीआईएल की वर्तमान एवं  निर्माणाधीन परियोजनाओं और सामाजिक उत्तरदायित्व के अन्तर्गत परियोजना क्षेत्र में किए जा रहे सामुदायिक विकास के कार्यों को चित्रकला के द्वारा प्रदर्शित किया गया है। झलकियों में गाँवों में लगवाए गए सोलर लाइट, विभिन्न जगहों पर कराए गए इंटरलॉकिंग एवं नाली के कार्य, निःशुल्क चिकित्सा एवं नेत्र जाँच शिविर एवं कैम्प, निःशुल्क ब्यूटी पार्लर की ट्रेनिंग, गाँव के बच्चों को दी जा रही रिटेल एवं सेल्स एसोसिएट की ट्रेनिंग, कृषि संगोष्ठी का आयोजन, निशुल्क कंप्यूटर क्लास एवं सीपेट डिप्लोमा कोर्स, ग्राम दशहरा एवं ग्राम डाबर में मुक्तिधाम का निर्माण, स्कूल में बच्चों को दी जाने वाली शिक्षा सामग्री एवं स्मार्ट क्लास, ग्राम सतनामी में ऑडिटोरियम का निर्माण कार्य आदि प्रमुख हैं।  

कुछ कलाकृतियों  में टीएचडीसी की विभिन्न परियोजनाओं जैसे खुर्ज़ा परियोजना, टिहरी डैम, कोटेश्वर डैम, पाटन विंड परियोजना आदि को भी दर्शाया गया है। इस कार्य का उद्देश्य प्रदर्शनी स्थल के सौंन्दर्यीकरण के साथ-साथ खुर्ज़ा परियोजना के द्वारा किए जा रहे सामाजिक विकास के कार्यों के प्रति लोगों को जागरूक करना भी है। इस स्थल पर भविष्य में आयोजित होने वाली प्रदर्शनियों में आने वाले  विशाल जन समूह के लिए ऐतिहासिक बैरन हॉल की इमारत पर प्रदर्शित ये कलाकृतियाँ टीएचडीसी की दृष्टि एवं लक्ष्यों के प्रचार एवं प्रसार का सुलभ माध्यम बनने के साथ-साथ बुलन्दशहर की बुलन्द विरासत को नए आयाम प्रदान करने में भी सहयोगी सिद्ध होगी।

परियोजना प्रमुख श्री कुमार शरद ने सीएसआर विभाग को इस कार्य को पूरा करने के लिए बहुत शुभकामनाएँ दीं। इस कार्य को पूरा करने में श्री गजेन्द्र सिंह (अपर महाप्रबंधक), श्री राकेश उनियाल (प्रबंधक), श्री ओमबीर सिंह (सहायक प्रबंधक) , श्री के पी थपलियाल (सहायक प्रबंधक) आदि का प्रमुख योगदान रहा|

Updated on : 26/03/2024