असाइनमेंट विवरण

चल रहे परामर्शी  कार्य
 
  • कटरा एवं श्री माता वैष्‍णो देवी जी श्राइन के मध्‍य अनेक(35 नं.) खतरनाक क्षेत्रों के ‘स्थिरीकरण के लिए‘ नियोजन, परिकल्‍प, एवं अभियांत्रिकी उपाए उपलब्‍ध करवाने में लगी हुई है।  (चरण –III के लिए उपचार उपाय जिसमें काफी खतरनाक स्‍थल /अवस्थिति शामिल हैं) के लिए परामर्शी सेवाएं प्रदान करना(एमओयू जून-2011)  
  • भूस्‍खलन संभावित क्षेत्रों के अध्‍ययन में सड़क एवं परिवहन मंत्रालय(एमओआरटीएच), आर.ओ. देहरादून को परामर्शी सेवाएं देना और चारधाम तक किए जाने वाले विकास कार्यो के अंतर्गत उन्‍हे शमन उपाय सुझाना जिसमें कैलाश मानसरोवर का मार्ग भी शामिल है तथा निष्‍पादन के दौरान ढलान उपायों की तकनीकी निगरानी करते हुए उपयुक्‍त डिजाइन, ड्राइंग व रिपोर्ट उपलब्‍ध कराना शामिल है। (एमओयू मार्च-2021)
  • उत्तराखंड में बारह महत्वपूर्ण स्थानों के लिए भूमिगत सतही बहुस्तरीय पार्किंग के लिए योजना, डिजाइन, अभियांत्रिकी और पर्यवेक्षण परामर्श के लिए लोक निर्माण विभाग, उत्‍तराखंड सरकार के साथ समझौता ज्ञापन (एमओयू दिसंबर, 2021)
  • सड़क एवं परिवहन मंत्रालय कोलकाता, पश्चिम बंगाल के सेवोक रोंगपो सेक्‍शन एनएच-10 पश्‍चिम बंगाल के क्षेत्र में एनएच-10 की 16 खतरनाक अवस्‍थितियों के लिए ढलान संरक्षण,  भूस्खलन न्यूनीकरण की डीपीआर की प्रूफ जांच/तकनीकी जांच हेतु 'समीक्षा सलाहकार' के रूप में परामर्श सेवाएं प्रदान करना।(एमओयू-सितंबर,2022)
  • सड़क और परिवहन मंत्रालय (एमओआरटीएच), आर.ओ., गुवाहाटी, असम को भूस्खलन संभावित क्षेत्रों का अध्‍ययन कर भूस्‍खलन न्‍यूनीकरण एवं निर्माणाधीन हिस्सों जैसे  (i) एनएच-502'ए' पर 0.00 किमी से 87.51 किमी  (लॉंगतलाई से ज़ोरिनपुई) मिज़ोरम (ii) एनएच-108 (पुराना एनएच -44 'ए') पर 11.00 किमी से 114.618 किमी (iii) एनएच -6 (पुराना एनएच -54) पर 174.500 किमी से 174.650 किमी (डूब क्षेत्र) (iv) 710 (तारकू दमथांग नामची) सिक्किम (v) 710 (मेली मानपुर नामची) सिक्किम (vi) 10 (रानीपूल-गंगटोक रोड) सिक्किम (vii) 10 (9वां मील बाईपास) सिक्किम के लिए 'तकनीकी परामर्शदाता के रूप में परामर्श सेवाएं प्रदान करना तथा कार्यान्‍वयन  के दौरान ढलान उपायों की तकनीकी निगरानी करते हुए उपयुक्‍त परिकल्‍प, ड्राइंग व रिपोर्ट उपलब्‍ध कराना शामिल है।  (एमओयू-दिसंबर-2022)
  • सड़क एवं परिवहन मंत्रालय (एमओआरटीएच), आर.ओ., ईटानगर, अरुणाचल प्रदेश को विभिन्न राष्ट्रीय राजमार्गों (एनएच-13, एनएच-513, एनएच-515) पर भूस्खलन के कारण ढलान संरक्षण और क्षति शमन हेतु डीपीआर तैयार करने के लिए 'परामर्शदाता' के रूप में सेवाएं प्रदान करना। (एमओयू-दिसंबर-2022)
  • सिंचाई प्रभाग, धारचूला, उत्तराखंड को ग्वालगांव, धारचूला पिथौरागढ़ के लिए ढलान उपायों पर तकनीकी निगरानी करते हुए ढलान माप पर नियोजन, डिजाइन और अभियांत्रिकी के लिए 'परामर्शदाता' के रूप में परामर्शी सेवाएं प्रदान करना। (एमओयू-दिसंबर-2022)
  • भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) को भूस्खलन संभावित क्षेत्रों तक पहुंचने और एनएच 44 पर उधमपुर और रामबन के मध्‍य संवेदनशील ढलान के लिए शमन उपायों के लिए "तकनीकी परामर्शदाता" के रूप में तकनीकी सेवाएं प्रदान करना। (एमओयू-जुलाई-2023)