उद्देश्य


निगम के लक्ष्‍य निम्‍नानुसार हैं-

क) लघु अवधि लक्ष्‍य (01 - 02 वर्ष)
  •     टिहरी पीएसपी (1000 मेगावाट) की कमीशनिंग 2022-23 तक करना ।
  •    उत्‍तर प्रदेश के झांसी एवं ललितपुर प्रत्‍येक जिले में यूएमआरईपीपी के अधीन जेवी कंपनी(टुस्‍को) के माध्‍यम  से 600 मे.वा. क्षमता के सोलर पार्क विकसित करना ।  
  •    राजस्‍थान में अल्‍ट्रा मेगा सौर  विद्युत पार्क विकसित करने के लिए आरआरपीसीएल के साथ संयुक्त उपक्रम में शामिल होना । 
  •     उत्‍तराखण्‍ड राज्‍य एवं पडोसी देश भूटान में जल विद्युत परियोजनाएं प्राप्‍त करना।
  •     उपलब्‍ध इन-हाउस तकनीकी एवं प्रबंधकीय विशेषज्ञता के माध्‍यम से व्‍यवसाय का विविधीकरण
  •     बोकांग बेलिंग (200 मे.वा.) की डीपीआर तैयार करना एवं प्रस्‍तुत करना।
  •     संकोश एचईपी (2585 मे.वा.)  के तौर तरीकों को निश्चित करना ।
 
ख)    मध्‍यावधि लक्ष्‍य (02 - 05 वर्ष)
  •   विष्‍णुगाड पीपलकोटी एचईपी (444 मेगावाट) की 2023-24 तक कमीशनिंग ।
  •   खुर्जा एसटीपीपी (1320 मेगावाट) की 2024-25 तक कमीशनिंग ।
  •   700 मेगावाट की मलशेज घाट पीएसएस के लिए महाराष्‍ट्र राज्‍य सरकार के साथ कार्यान्‍वयन करार को अन्तिम रूप देना एवं हस्‍ताक्षर करना ।
  •   सौर विद्युत परियोजना(एसईसीआई के साथ) कुल 200 मे.वा.क्षमता तक की 2024-25 तक कमीशनिंग ।
  •   बोकांग बेलिंग (200 मे.वा.) के निर्माण कार्य शुरू करना ।
  •   उत्‍तर प्रदेश में जेवी के माध्‍यम से 800 मे.वा. के सौर विद्युत पार्क का विकास ।  
  •   टीएचडीसीआईएल एवं आरआरपीसीएल के मध्‍य जेवीसी  के माध्‍यम से राजस्‍थान में 1500 मे.वा. के सौर विद्युत पार्क का विकास ।
  •   अंतरराष्ट्रीय सौर एलाइंस के अंतर्गत कम से कम 1000 मेगावाट की सौर विद्युत क्षमता सुनश्चित करना ।
  •   विदेशों में भंडारण प्रोद्योगिकी एवं भौगोलिक विस्तार में टीएचडीसीआईएल के व्यापार विस्तार में वृद्धि करना ।
 ग)   दीर्घावधि लक्ष्‍य ( 5 वर्ष से अधिक )
  •     निम्‍नलिखित परियोजनाओं की कमीशनिंग सुनिश्चित करना : 
 
क्रम सं. परियोजना का नाम क्षमता
1 झेलम तमक एचईपी 108 मेगावाट
2 बोकांग बेलिंग 200 मेगावाट
3 मालसेज घाट पीएसएस 700 मेगावाट
 
  •  पवन विद्युत एवं सौर विद्युत में 1000 मे.वा. की संस्‍थापित क्षमता  प्राप्‍त करना ।
  •  भारत सरकार के राष्ट्रीय हाइड्रोजेन मिशन में परियोजनाएं संचालित करना और इसमें सहभागिता करना ।