क्षमता अभिवृद्धि योजना



वर्तमान में तीन जल विद्युत, दो पवन एवं एक सौर विद्युत संयंत्र के प्रचालन के साथ टीएचडीसीआईएल की संस्‍थापित क्षमता 1587 मे.वा. है। टीएचडीसीआईएल ने अपनी तीन निर्माणाधीन परियोजनाएं नामत: टिहरी पीएसपी(4X250 मे.वा.), विष्‍णुगाढ पीपलकोटी एचईपी (4X111 मे.वा.) एवं खुर्जा एसटीपीपी(2X660 मे.वा. की प्रत्‍याशित कमीशनिंग से 2024-25 तक 2764 मे.वा. की अभिवृद्धि की परिकल्‍पना की है। वर्ष 2024-25 के अंत तक टीएचडीसीआईएल ने 4351 मे.वा. की संस्‍थापित क्षमता हासिल करने की परिकल्‍पना की है। इसके अलावा  345 मे.वा.  क्षमता की दो जल विद्युत परियोजनाएं सर्वेक्षण एवं अन्‍वेषण के चरण में हैं ।

इसके अलावा, टीएचडीसीआईएल संबधित राज्‍य नोडल एजेंसी के साथ मिलकर संयुक्‍त उपक्रम के माध्‍यम से उत्‍तर प्रदेश एवं राजस्‍थान में क्रमश 2000 मे.वा. एवं 1500 मे.वा. के सौर विद्युत पार्कों  के विकास में लगी हुई है। 

टीएचडीसीआईएल देश के विभिन्‍न भागों के साथ-साथ पड़ोसी देशों में भी जल विद्युत, पम्‍प स्‍टोरेज एवं नवीकरणीय ऊर्जा योजना की संभावनाओं की भी तलाश कर रही है। 

कारपोरेशन अन्‍य सीपीएसयू/‍राज्‍यों/निजी क्षेत्र को जल विद्युत परियोजनाओं के कार्यान्‍वयन हेतु परामर्श/ परियोजना कार्यान्‍वयन  की सेवाएं देने के लिए भी तत्‍पर है। 

कारपोरेट नियोजन हेतु हाईपरलिंक