चैंपियंस को आकार देना, एक विरासत का निर्माण करना
दशकों से, जल क्रीड़ा (वॉटर स्पोर्ट्स) में भारत की क्षमता अप्रयुक्त रही है—लेकिन अब यह बदलने वाला है। कायाकिंग और कैनोइंग में विश्व स्तरीय एथलीट तैयार करने के दृष्टिकोण (विजन) के साथ, टीएचडीसी इंडिया लिमिटेड ने कोटेश्वर, टिहरी, उत्तराखंड में एक उच्च प्रदर्शन प्रशिक्षण केंद्र (हाई-परफॉर्मेंस ट्रेनिंग हब) स्थापित करने की एक महत्वाकांक्षी यात्रा शुरू की है। यह अकादमी केवल एक प्रशिक्षण मैदान नहीं है—यह भारत के भविष्य के चैंपियंस के लिए एक लॉन्चपैड है, जो अत्याधुनिक सुविधाएं और ओलंपिक तथा अंतरराष्ट्रीय मंचों के लिए एक संरचित मार्ग प्रदान करती है। उत्तराखंड के माननीय मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी के दूरदर्शी नेतृत्व में, और तत्कालीन माननीय विद्युत मंत्री श्री आर.के. सिंह के कार्यकाल के दौरान रखी गई मजबूत नींव के साथ, टीएचडीसीआईएल ने भारत के जल क्रीड़ा पारिस्थितिकी तंत्र (वॉटर स्पोर्ट्स इकोसिस्टम) को पुनपरिभाषित करने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम उठाया है। प्रमुख सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों और राष्ट्रीय खेल निकायों द्वारा समर्थित यह ऐतिहासिक पहल केवल एथलीटों को प्रशिक्षित करने के बारे में नहीं है—यह एक विरासत बनाने, उत्तराखंड के खेल बुनियादी ढांचे (स्पिनिंग इंफ्रास्ट्रक्चर) को विकसित करने और युवाओं को जल क्रीड़ा में करियर के नए अवसरों के साथ सशक्त बनाने के बारे में है।
भारतीय जल क्रीड़ा में एक ऐतिहासिक पहल
एक ऐतिहासिक कदम के तहत, टीएचडीसीआईएल, इंडियन कायाकिंग एंड कैनोइंग एसोसिएशन, उत्तराखंड ओलंपिक एसोसिएशन और युवा कल्याण एवं खेल विभाग, उत्तराखंड सरकार ने इस अकादमी की स्थापना के लिए 08 दिसंबर, 2023 को एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए। यह पहल न केवल एथलीटों को प्रशिक्षित और पोषित करेगी बल्कि भारतीय एथलीटों के लिए तकनीकों में सुधार, प्रदर्शन विश्लेषण और चोट की रोकथाम की रणनीतियों के लिए एक खेल विज्ञान और अनुसंधान केंद्र के रूप में भी कार्य करेगी। टिहरी झील के डाउनस्ट्रीम (अनुप्रवाह) में अकादमी की रणनीतिक स्थिति इसे उच्च प्रदर्शन प्रशिक्षण (हाई- परफॉर्मेंस ट्रेनिंग) के लिए एक आदर्श स्थान बनाती है, जो उत्तराखंड को साहसिक (एडवेंचर) और जल क्रीड़ा पर्यटन के केंद्र के रूप में और बढ़ावा देती है।
विज़न
जल क्रीड़ा (वॉटर स्पोर्ट्स) में अवसरों को बढ़ावा देकर और एथलीटों को उनकी पूर्ण क्षमता तक पहुँचने के लिए एक प्रोफेशनल वातावरण प्रदान करके, ओलंपिक और अन्य अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भारत के पदकों की संख्या को बढ़ाने के उद्देश्य से विश्व की सर्वश्रेष्ठ अत्याधुनिक कायाकिंग और कैनोइंग उच्च-प्रदर्शन अकादमियों (हाई-परफॉर्मेंस अकादमियों) में से एक का निर्माण करना।
मिशन
अंतरराष्ट्रीय स्पर्धाओं में शीर्ष तीन स्थानों (पोडियम फिनिश) को हासिल करने के उद्देश्य से स्पष्ट प्रशिक्षण मार्ग (ट्रेनिंग पाथवे), प्रदर्शन प्रणाली और संरचित कार्यक्रमों को स्थापित करके प्रतिभाशाली एथलीटों की पहचान करना, उन्हें विकसित करना और उनका समर्थन करना। हासिल की गई मुख्य उपलब्धियां
✔ 2022: तत्कालीन माननीय विद्युत मंत्री श्री आर.के. सिंह और उत्तराखंड के माननीय मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा 'चौथी रैंकिंग और ओपन कैनो स्प्रिंट सीनियर (पुरुष और महिला) चैंपियनशिप, (टिहरी वॉटर स्पोर्ट्स कप)' में अकादमी परियोजना की आधिकारिक घोषणा की गई थी।
✔ 2023: इंटरनेशनल कैनो फेडरेशन के अध्यक्ष मिस्टर थॉमस कोनिट्ज़को द्वारा इंडियन कायाकिंग एंड कैनोइंग एसोसिएशन के वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति में आधारशिला (शिलान्यास) रखी गई थी।
✔ 2024: प्रथम एथलीट छात्रावास (होस्टल्स), आवासीय परिसर (रेसिडेंशियल कॉम्प्लेक्स) और एक बहु-खेल सभागार (मल्टी-स्पोर्ट ऑडिटोरियम) का निर्माण पूरा कर लिया गया है। जेट्टी पॉइंट अब चालू (परिचालन में) है, और पूर्ण पैमाने पर बुनियादी ढांचे का विकास जारी है। अकादमी के उद्देश्य
1. कायाकिंग और कैनोइंग के लिए एक सतत (सस्टेनेबल) मॉडल विकसित करना जो प्रशिक्षण को शामिल करता है और एथलीटों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिस्पर्धा करने के लिए प्रायोजन (स्पॉन्सरशिप) के अवसर प्रदान करता है।
2. कायाकिंग और कैनोइंग में टीम इंडिया के वैश्विक प्रतिनिधित्व के लिए टीएचडीसीआईएल का प्राथमिक मुख्य प्रायोजक (टाइटले स्पॉन्सर) के रूप में कार्य करना।
3. कोटेश्वर, टिहरी (उत्तराखंड) में दीर्घकालिक एथलीट विकास और उत्कृष्टता के लिए समर्पित एक उच्च-प्रदर्शन अकादमी (हाई-परफॉर्मेंस अकादमी) स्थापित करना।
4. टीएचडीसी-आईकेसीए संयुक्त पहल के माध्यम से एक समुदाय-संचालित और सतत अकादमी का निर्माण करना, जिसका लक्ष्य ओलंपिक, विश्व चैंपियनशिप और एशियाई खेलों में पदक सुरक्षित करना है।
5. युवा खेल प्रतिभाओं की पहचान करना और उन्हें राष्ट्रीय तथा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिस्पर्धा करने के लिए संरचित (स्ट्रक्चर्ड) अवसर प्रदान करना।
6. आधुनिक खेल विज्ञान (स्पोर्ट्स साइंस), फिजियोथेरेपी और अत्याधुनिक प्रशिक्षण सुविधाओं के माध्यम से एथलीटों के प्रदर्शन को इष्टतम (ऑप्टिमाइज़) करने के लिए दीर्घकालिक एथलीट विकास योजना (एलटीएडी) को लागू करना।
7. प्रमुख अंतरराष्ट्रीय चैंपियनशिप में टीम इंडिया की भागीदारी को सुगम बनाना, जिससे वैश्विक एथलीटों के साथ-साथ विदेशी प्रशिक्षण कार्यक्रमों और प्रतियोगिताओं का अनुभव (एक्सपोजर) सुनिश्चित हो सके। एक मजबूत सार्वजनिक क्षेत्र का सहयोग इस अकादमी की स्थापना एक देशव्यापी प्रयास है, जिसमें प्रमुख सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम (पीएसयू) महत्वपूर्ण वित्तीय और बुनियादी ढांचागत (इन्फ्रास्ट्रक्चरल) सहायता प्रदान कर रहे हैं:
✔ आरईसी : ओलंपिक आकार के स्विमिंग पूल के निर्माण में ₹3.97 करोड़ का निवेश किया।
✔ इरेडा : ₹1.05 करोड़ के निवेश के साथ स्पोर्ट्स साइंस सेंटर हॉल के विकास में योगदान दिया।
✔ एसजेवीएन : ₹1 करोड़ के निवेश के साथ उन्नत (एडवांस्ड) जिम उपकरणों की खरीद को प्रायोजित किया।
✔ एनएचपीसी : ₹97.23 लाख के निवेश के साथ स्पोर्ट्स साइंस लेबोरेटरी (खेल विज्ञान प्रयोगशाला) के उपकरणों का समर्थन किया। यह सहयोगात्मक दृष्टिकोण यह सुनिश्चित करता है कि अकादमी को विश्व स्तरीय बुनियादी ढांचा और प्रशिक्षण सुविधाएं प्राप्त हों, जिससे भारतीय एथलीटों के लिए अंतरराष्ट्रीय कायाकिंग और कैनोइंग प्रतियोगिताओं में दबदबा बनाने की नींव रखी जा सके।
हाल की उपलब्धियाँ
जनवरी 2025 – 11 से 13 जनवरी, 2025 तक हांगकांग में आयोजित 'एशियन कैनो स्प्रिंट कप' में एक शानदार प्रदर्शन करते हुए, टीएचडीसी-आईकेसीए हाई-परफॉर्मेंस अकादमी ने तीन स्वर्ण (गोल्ड) और पांच रजत (सिल्वर) पदक हासिल किए, जो उत्कृष्टता के प्रति अकादमी के समर्पण को प्रदर्शित करता है।
फरवरी 2025 - उत्तराखंड में आयोजित '38वें राष्ट्रीय खेलों' में, अकादमी के एथलीटों ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए पांच स्वर्ण (गोल्ड) और एक रजत (सिल्वर) पदक जीता, जिसने कायाकिंग और कैनोइंग के लिए भारत के प्रमुख प्रशिक्षण केंद्र के रूप में इसकी स्थिति को और मजबूत कर दिया। अकादमी के विकास की प्रगति और स्थिति यह उच्च-प्रदर्शन अकादमी (हाई-परफॉर्मेंस अकादमी) पूर्ण रूप से चालू है और लगातार विकसित हो रही है। आईकेसीए के सहयोग से, चार विदेशी कोच पहले ही दौरा कर चुके हैं और उन्होंने एथलीटों को विशेष प्रशिक्षण प्रदान किया है, जिससे उनके प्रदर्शन में महत्वपूर्ण
सुधार हुआ है और पदक जीतने वाली उपलब्धियों में योगदान मिला है। अकादमी ने आधिकारिक तौर पर मार्च 2024 में अपना काम शुरू किया था, जिसमें अगस्त 2024 में एथलीटों का पहला बैच शामिल हुआ था, और तब से अब तक कई बैच इसमें शामिल हो चुके हैं। प्रशिक्षण बुनियादी ढांचे को और मजबूत करने के लिए:
उन्नत (एडवांस्ड) जिम उपकरणों और नावों (बोट्स) की खरीद की प्रक्रिया चल रही है, जिससे विश्व स्तरीय प्रशिक्षण सुविधाएं सुनिश्चित होंगी।
भारत की पहली ऑटोमैटिक स्टार्ट सिस्टम – आई-मैस अकादमी में आ चुकी है और इसे जल्द ही स्थापित किया जाएगा, जो कैनोइंग एथलीटों के लिए ओलंपिक-स्तरीय प्रशिक्षण के विजन को पूरा करेगी।
सुरक्षा और प्रशिक्षण दक्षता को बढ़ाने के लिए आवश्यक मोटरबोट, जिसमें एक कैटामारन (द्वि-तली नौका) और दो बचाव नावें (रेस्क्यू बोट्स) शामिल हैं, की खरीद की जा चुकी है।
अकादमी को यूरोप से ओलंपिक-स्तरीय नावें और पैडल (डांड) भी प्राप्त हुए हैं, जो प्रशिक्षण की गुणवत्ता और प्रतियोगिता के मानकों को उन्नत करते हैं।
इसके अतिरिक्त, कैनोइंग और कायाकिंग के लिए हंगरी और जर्मनी के दो विदेशी कोचों को शॉर्टलिस्ट (चयनित) किया गया है, जिससे यह सुनिश्चित होगा कि एथलीटों को विश्व स्तरीय कोचिंग विशेषज्ञता प्राप्त हो। अकादमी लगातार तेजी से प्रगति कर रही है, जिससे भारत में कायाकिंग और कैनोइंग के लिए एक प्रमुख उच्च-प्रदर्शन केंद्र (हाई-परफॉर्मेंस सेंटर) के रूप में इसकी स्थिति मजबूत हो रही है। टिहरी – जल क्रीड़ा उत्कृष्टता का एक भावी केंद्र इस पहल के साथ, टिहरी झील प्रोफेशनल जल क्रीड़ा (वॉटर स्पोर्ट्स) के लिए भारत का प्रमुख गंतव्य बनने की राह पर है। यह अकादमी न केवल विश्व स्तरीय एथलीट तैयार करेगी बल्कि उत्तराखंड में रोजगार, पर्यटन और खेल बुनियादी ढांचे (स्पोर्ट्स इंफ्रास्ट्रक्चर) को भी बढ़ावा देगी। अत्याधुनिक प्रशिक्षण, अंतरराष्ट्रीय अनुभव (एक्सपोजर) और संरचित विकास कार्यक्रमों में निवेश करके, टीएचडीसीआईएल भारतीय कायाकिंग और कैनोइंग में एक नए युग का मार्ग प्रशस्त कर रहा है, जिससे यह सुनिश्चित हो सके कि देश जल क्रीड़ा में एक वैश्विक महाशक्ति (ग्लोबल पावरहाउस) के रूप में उभरे। यात्रा शुरू हो चुकी है—भारत के भविष्य के चैंपियंस तैयार हो रहे हैं!