टिहरी जलविद्युत परियोजना परिसर (2400 मेगावाट)
टिहरी जलविद्युत परियोजना परिसर (एचपीसी) उत्तराखंड में भागीरथी नदी पर टीएचडीसी इंडिया लिमिटेड (टीएचडीसीआईएल) द्वारा विकसित एक बहुउद्देशीय जलविद्युत परिसर है। 2,400 मेगावाट की कुल स्थापित क्षमता के साथ, इस परिसर में टिहरी एचपीपी (1,000 मेगावाट), कोटेश्वर एचईपी (400 मेगावाट) और टिहरी पंपयुक्त भंडारण संयंत्र (पंप स्टोरेज प्लांट - 1,000 मेगावाट) शामिल हैं। यह परिसर क्षेत्र की पीक पावर (चरम बिजली) उत्पादन, सिंचाई और पेयजल आवश्यकताओं को पूरा करता है और ग्रिड संतुलन तथा नवीकरणीय ऊर्जा के एकीकरण में महत्वपूर्ण योगदान देता है।
टिहरी जलविद्युत संयंत्र (1000 मेगावाट)
टिहरी जलविद्युत संयंत्र (एचपीपी) एक भंडारण-आधारित (स्टोरेज-बेस्ड) जलविद्युत परियोजना है, जिसमें भागीरथी नदी पर बना 260.5 मीटर ऊँचा मिट्टी और चट्टान से भरा (अर्थ एंड रॉकफिल) बांध और चार 250 मेगावाट की फ्रांसिस टरबाइन-जनरेटर इकाइयों से सुसज्जित एक भूमिगत विद्युत गृह (पावरहाउस) शामिल है। वर्ष 2006-07 के दौरान चालू (कमीशन) किया गया टिहरी एचपीपी देश के उत्तरी क्षेत्र को मूल्यवान पीकिंग पावर प्रदान करता है और क्षेत्र में सिंचाई तथा पेयजल की आवश्यकताओं को पूरा करता है। इसके जलाशय ने भारी वर्षा की अवधि के दौरान बाढ़ को नियंत्रित (मॉडरेट) करने में भी योगदान दिया है।
मुख्य विशेषताएं
| योजना की प्रकृति | |
| हाइड्रोलॉजी |
| सामान्य वार्षिक वर्षा | 1016 से 2630 मि.मी. |
| रिकार्ड की गई अधिकतम बाढ़ निकासी | 3800 क्यूमेक्स |
| मानसून अवधि के दौरान डाइवर्जन के लिए अंगीकृत की गई अधिकतम बाढ़ | 8120 क्यूमेक्स |
| सम्भावित अधिकतम बाढ़ | 15540 क्यूमेक्स |
| रूटेड बाढ़ | 13040 क्यूमेक्स |
| जलाशय |
| पूर्ण जलाशय स्तर (FRL) | ई.एल. 830 मी. |
| डिजाइन बाढ़ के दौरान अधिकतम बाढ़ स्तर (MFL) | ई.एल.835 मी. |
| निष्क्रिय संचयन स्तर | ई.एल. 740 मी. |
| सकल संचयन क्षमता | 3540 एम.सी.एम. |
| निष्क्रिय संचयन क्षमता | 925 एम.सी.एम. |
| लाईव संचयन क्षमता | 2615 एम.सी.एम. |
| ई.एल.830 मी. के पूर्ण जलाशय स्तर पर पानी का फैलाव | 44 वर्ग.किः.मी. |
| ई.एल.740 मी. के निष्क्रीय संचयन स्तर पर पानी का फैलाव | 18 वर्ग कि.मी. |
तकनीकी विशेषताएं
| डाइवर्जन सुंरगे |
| प्रकार | हार्स शू |
| बाँया किनारा | 2 नं.,11 मी.ब्यास, 1774 एवं 1778 मी. लम्बी |
| दाँया किनारा | 2 नं.,11 मी.ब्यास, 1298 एवं 1429 मी. लम्बी |
| डाइवर्जन बाढ़ निकासी | 8120 क्यूमेक्स |
| बांध |
| प्रकार | मिट्टी एवं पत्थर पूरित बांध |
| शीर्ष स्तर | ई.एल. 839.5 मी. |
| ऊँचाई | 260.5 मी. |
| रिवर बेड पर चौड़ाई | 1125 मी. |
| शीर्ष पर चौड़ाई | सीमा पर 25.5 मी. से 30.5 मी.तक फैलाव |
| शीर्ष पर लम्बाई | 575 मी. |
| ढ़लान |
| अप स्ट्रीम | 12:5 |
| डाउन स्ट्रीम | 1:2 |
| स्पिलवे |
| शूट स्पिलवे | |
| क्रेस्ट लेवल | ई.एल. 815.0 मी. |
| जलमार्ग | 10.5 मी. चौड़ाई की 3 बेज |
| डिजाइन निकासी | 5500 क्यूमेक्स |
| गेटों का प्रकार एवं संख्या | रेडियल गेट्स, 3 नं. |
| राइट बैंक शाफ्ट स्पिलवे | |
| प्रकार | गेट रहित 02 नं. |
| क्रेस्ट लेवल | ई.एल. 830.2 मी. |
| शाफ्ट का ब्यास | 12.0 मी. |
| डिजाइन निकासी | 3850 क्यूमेक्स |
| लैफ्ट बैंक शाफ्ट स्पिलवे | |
| प्रकार | 02. नं. गेट सहित |
| क्रेस्ट लेवल | ई.एल.815.0 मी. |
| शाफ्ट का ब्यास | 12.0 मी. |
| डिजाइन निकासी | 3650 क्यूमेक्स |
| गेटों के प्रकार | रेडियल गेट्स |
| इण्टरमीडिएट लेवल आउटलेट | |
| संख्या एवं आकार | एक, 8.5 मी. ब्यास |
| निकासी क्षमता (ई.एल. 830.0 मी. पर ) | 1100 क्यूमेक्स |
| इन्टेक कार्य | |
| अवस्थिति | भागीरथी नदी के बाँये भाग में |
| संरचना की संख्या एवं प्रकार | 2 नं., जलमग्न ढाँचे |
| क्रेस्ट एलिवेशन | ई.एल.720 मी. |
| हैडरेस सुंरगें | |
| आकार एवं संख्या | 8.5 मी. ब्यास, 2 नं. |
| कुल लम्बाई | 1634 मी. |
| पैन स्टॉक्स | |
| संख्या एवं आकार | 4 नं., 5.75 मी. ब्यास प्रत्येक |
| कुल लम्बाई | 1040 मी. |
| विद्युत गृह | |
| मशीन हॉल | |
| प्रकार | भूमिगत |
| अवस्थिति | लैफ्ट बैंक, भूमिगत |
| संख्या एवं इकाइयां | 04 नं., 250 मेगावाट प्रत्येक |
| आकार | 197 मी. लम्बा, 22.0 मी. चौड़ा 47.2 मी. ऊँचा |
| शीर्ष | अधिकतम 231.5 मी. न्यूनतम 127.50 मी., डिजाइन 188.0 मी. |
| ट्रांसफार्मर हॉल | |
| प्रकार | भूमिगत |
| आकार | 161 मी. लम्बा x 18.5 मी. चौड़ा x 29.0 मी. ऊँचा |
| स्टेप अप ट्रांसफार्मर | |
| क्षमता | 306 एम.वी.ए. |
| संख्या | 4 |
| वोल्टेज अनुपात | 15.7 / 400 के.वी. |
| स्विचयार्ड | |
| अवस्थिति एवं प्रकार | अंतरंगी एस.एफ. -6 स्विचगियर |
| टेल रेस कार्य | |
| टेल रेस सुंरगों की संख्या एवं आकार | 2 नं., 9.0 मी. ब्यास प्रत्येक |
| सुंरगों की लम्बाई | 862.5 मी. एवं 747.5 मी. |
| TRT आउटलेट का इनवर्ट स्तर | ई.एल. 603.0 मी. |
| संस्थापित क्षमता | 1000 मेगावाट (4 x 250 मेगावाट) |
| टिहरी हाइड्रो पावर काम्पलैक्स से लाभ |
उत्तरी क्षेत्र में संस्थापित उत्पादन क्षमता में अभिवृद्धि (1000 मे.वा.टिहरी स्टेज– I के पूर्ण होने पर) | 2400 मे.वा. |
वार्षिक ऊर्जा उपलब्धता(पीकिंग) (2797 मि.यू. टिहरी स्टेज– I के पूर्ण होने पर ) | 5220 मि.यू. |
| सिंचाई (अतिरिक्त) | 2.70 लाख हे. |
| मौजूदा सिंचाई का स्थिरीकरण (उपर्युक्त के अलावा) | 6.04 लाख हे. |
| डाउनस्ट्रीम परियोजनाओं में वार्षिक उत्पादन अभिवृद्धि | 200 मि.यू. |
| 300 क्यूसेक (162 मिलियन गैलन प्रतिदिन) दिल्ली के लिए पेयजल जो लगभग 40 लाख लोगों की जरूरतों को पूरा करेगा । |
| इसके अतिरिक्त 200 क्यूसेक(108 मिलियन गैलन प्रतिदिन) उत्तर प्रदेश के नगरों एवं गांवों के लिए पेयजल जो 30 लाख लोगों की जरूरतों को पूरा करेगा । |
| बाढ़ नियंत्रण |
| गढ़वाल क्षेत्र का एकीकृत विकास जिसमें सभी नागरिक सुविधाओं, उन्नत संचार व्यवस्था, शिक्षा, स्वास्थ्य, पर्यटन, बागवानी विकास, मत्स्य पालन तथा क्षेत्र के वनीकरण से युक्त नए टिहरी शहर का विकास शामिल है । |
नवीनतम अद्यतन 18/8/2026 किया गया ।